हातों की रेखाएं ऐसे रुलाये

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गाना: हातों की रेखाएं ऐसे रुलाये
फिल्म: हाउसफुल
गायक: विविएंने पोचा, अमिताभ भट्टाचार्य
गीत:
संगीत: शंकर-एहसान-लोय


हाटों की रेखाएं ऐसे रुलाये 
किसी रब्बार से मिट न पाए ..

लाइफ कुछ भी देती नहीं है 
बदले में लेती ही रही है 
सच ओ पानाह बे सच आ पनाह बे 
दुनिया में कहीं देखा ही नहीं 
(ही  सच अ लूजर, ओह, ही सच अ लूजर ओह यह 
सच सच सच सच सच आ लूजर) - (2)

फ्रायडे द थिर्तीन मनहूस कहलाये 
बर्थडे पे इसके वोह भी शर्माए 
जेंस है ऐसा इसका मुकद्दर 
पनौतियों का है यह सिकंदर 
सच ओ पानाह बे सच आ पनाह बे 
दुनिया में कहीं देखा ही नहीं 
(ही  सच अ लूजर, ओह, ही सच अ लूजर ओह यह 
सच सच सच सच सच आ लूजर) - (2)


बिल्ली किसी का रास्ता जो काटे 
ब्याड लुक्क में समझो बिछाए कांटे 
पर यह जो कांटे रास्ता किसी का 
वोह जाके तलवे बिल्ली के चांटे 
सुच अ.. ओ सुच अ...
साड़ी दुनिया में कहीं देखा ही नहीं 
(हे सुच अ लूजर, ओह, हे सुच अ लूजर, ओ येः 
हे सुच अ सुच अ सुच अ सुच अ सुच अ लूजर) - (2)
लूजर कहीं का